इंदौर। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की गीतभवन चौराहे पर लगी प्रतिमा गुरुवार सुबह क्षतिग्रस्त होते-होते बच गई। तेज गति से आ रही एक निजी यात्री बस क्र. एपी 03 -एक्स-0499 प्रतिमा स्थल पर जा घुसी। इससे रेलिंग और रोटरी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। यदि बस कुछ और आगे चली जाती तो प्रतिमा को काफी नुकसान हो सकता था। घटना के बाद बस का चालक भाग निकला। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान दूसरी ओर कोई वाहन होता तो बडा हादसा हो सकता था। बाबा साहेब का अपमान है यह बाबा साहेब अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी के अध्यक्ष भंते संघशील अरविन्द वासनिक ने बताया कि बस चालक और उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। बस को हटाया नहीं गया, जिससे बाबा साहेब का अपमान हुआ है। धरना प्रदर्शन में भारतीय बौद्ध महासभा, समता सैनिक दल, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, प्रज्ञा बौद्ध विहार महिला मंडल, डॉ. अंबेडकर यूथ ब्रिगेड, भीमशक्ति नवयुवक मंडल के कार्यकर्ता शामिल थे।
क्यों नहीं हटाई बस
दोपहर में बाबा साहेब के अनुयायियों ने चौराहे पर एक घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशानिक अधिकारियों से उनकी काफी नोकझोंक भी हुई। अनुयायियों का कहना था कि सुबह से दोपहर हो गई, लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों ने बस हटाने की जहमत नहीं उठाई। जब यहां हंगामा किया गया तो अधिकारी दौडे चले आए। उनकी मांग थी कि क्षतिग्रस्त रोटरी की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
एसडीएम से कहा आप चले जाइए
एसडीएम शिलेन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर अनुयायियों से बातचीत करना चाही तो उन्हें भी यह कह दिया गया कि हमें आप से कोई बात नहीं करना है। हम वरिष्ठ अधिकारियों से ही चर्चा करेंगे। एसडीएम और सीएसपी राजेश रघुवंशी की काफी समझाइश के बाद वे माने। अधिकारियों ने सात दिन के भीतर प्रतिमा स्थल का निर्माण करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद क्रेन की मदद से बस को वहां से हटाया गया।
यातायात हुआ प्रभावित
हंगामे के दौरान गीताभवन चौराहे पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लोगों की भीड लग गई। इससे वहां से गुजरने वाले वाहनों को काफी मशक्कत करना पडी। वाहनों की गुत्थमगुत्था होते देख पुलिस अधिकारियों ने जवानों को निर्देशित कर यातायात व्यवस्था में लगाया।
इस दौरान दूसरी ओर कोई वाहन होता तो बडा हादसा हो सकता था। बाबा साहेब का अपमान है यह बाबा साहेब अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी के अध्यक्ष भंते संघशील अरविन्द वासनिक ने बताया कि बस चालक और उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। बस को हटाया नहीं गया, जिससे बाबा साहेब का अपमान हुआ है। धरना प्रदर्शन में भारतीय बौद्ध महासभा, समता सैनिक दल, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, प्रज्ञा बौद्ध विहार महिला मंडल, डॉ. अंबेडकर यूथ ब्रिगेड, भीमशक्ति नवयुवक मंडल के कार्यकर्ता शामिल थे।
क्यों नहीं हटाई बस
दोपहर में बाबा साहेब के अनुयायियों ने चौराहे पर एक घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशानिक अधिकारियों से उनकी काफी नोकझोंक भी हुई। अनुयायियों का कहना था कि सुबह से दोपहर हो गई, लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों ने बस हटाने की जहमत नहीं उठाई। जब यहां हंगामा किया गया तो अधिकारी दौडे चले आए। उनकी मांग थी कि क्षतिग्रस्त रोटरी की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
एसडीएम से कहा आप चले जाइए
एसडीएम शिलेन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर अनुयायियों से बातचीत करना चाही तो उन्हें भी यह कह दिया गया कि हमें आप से कोई बात नहीं करना है। हम वरिष्ठ अधिकारियों से ही चर्चा करेंगे। एसडीएम और सीएसपी राजेश रघुवंशी की काफी समझाइश के बाद वे माने। अधिकारियों ने सात दिन के भीतर प्रतिमा स्थल का निर्माण करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद क्रेन की मदद से बस को वहां से हटाया गया।
यातायात हुआ प्रभावित
हंगामे के दौरान गीताभवन चौराहे पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लोगों की भीड लग गई। इससे वहां से गुजरने वाले वाहनों को काफी मशक्कत करना पडी। वाहनों की गुत्थमगुत्था होते देख पुलिस अधिकारियों ने जवानों को निर्देशित कर यातायात व्यवस्था में लगाया।

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