सिंह के मुताबिक भाजपा नेताओं के इशारे पर सारी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
सिंह ने रविवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि हत्या की इन घटनाओं में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह से लिप्त है। यही कारण है कि समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के समय मप्र सरकार ने हरियाणा पुलिस की मदद नहीं की। यदि तब हरियाणा पुलिस को मदद दी जाती, तो अभी तक सभी आरोपी गिरफ्त में होते।
सिंह के मुताबिक,आरोपियों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के निवास पर बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया कि बाहरी एजेंसी को मदद नहीं की जाए।
गौरतलब है कि स्वामी असीमानंद ने हाल में अपने इकबालिया बयान में कहा था कि समझौता एक्सप्रेस,मक्का मदीना मस्जिद,अजमेर शरीफ दरगाह और मालेगांव में हुए विस्फोटों के पीछे संघ कार्यकर्ताओं का हाथ है। इनमें सुनील जोशी, डांगे, कलसांगरा आदि भी जुड़े रहे हैं।
digvijay singh ji kursee ke liye kuchh bhi kh sakte hai. santosh gangele
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