भोपाल। मौसम की मार से हलाकान प्रदेश के किसान साढ़े आठ हजार करोड़ रूपए से अधिक के कर्ज में डूबे हुए हैं। इनमें अकेले अपेक्स बैंक का कर्ज साढ़े सात हजार करोड़ रूपए से ज्यादा है। शेष रकम जिला बैंकों की है। इसमें अन्य संस्थानों व लाइसेंसी, गैर लाइसेंसी साहूकारों से लिया कर्ज मिला लें, तो आंकड़ा दस हजार करोड़ के पार पहुंच जाएगा। अपेक्स बैंक ने इसी वित्तीय वर्ष में किसानों को 5,214 करोड़ रूपए के अल्पकालीन ऋण बांटे हैं। बैंक का नया और पुराना कर्ज मिलाकर 7,700 करोड़ रूपए है। इसमें नया ऋण तीन प्रतिशत ब्याज दर पर बांटा गया है, जबकि पुराना कर्ज पांच फीसदी पर दिया गया है।
700 करोड़ 10.5 प्रतिशत ब्याज पर
किसानों पर दीर्घकालीन ऋण का भी 700 करोड़ से ज्यादा बकाया है। यह राशि मप्र राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधीनस्थ जिला बैंकों की है। 7 से 15 साल के इस कर्ज पर किसानों को 10.5 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है।
विदिशा/ सागर/ छतरपुर। प्रदेश में किसानों की हिम्मत टूटने का सिलसिला जारी है। आत्महत्या के प्रयास के चार और मामले सामने आए हैं। विदिशा की त्योंदा तहसील के ग्राम अमारी में किसान राजेश लोधी ने चूहा मार दवा खाकर जान देने की कोशिश की। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राजेश ने बताया कि उसकी 20 बीघा जमीन पर बोई फसल बर्बाद हो गई है। उस पर चार लाख से अधिक का कर्ज है।
सागर की देवरी तहसील में बारहा बीना गांव निवासी किसान अमर सिंह (22) ने फसल बर्बाद होने से परेशान होकर जहर खा लिया। उसका इलाज चल रहा है। देवरी के ही डोंगर सलैया गांव में आदिवासी सरपंच की पुत्रवधु संगीता पत्नी लाखन आदिवासी (28) ने कीटनाशक पी लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। पति लाखन ने बताया कि संगीता फसल खराब होने से दुखी है। छतरपुर जिले के ईशानगर में पठादा गांव के किसान लंपू पाल (60) ने खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। लंपू पर करीब दो लाख का कर्ज है। इसी गांव में गत 21 जनवरी को एक किसान ने फांसी लगा ली थी।
माफ हो ब्याज
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर वाणिज्यिक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से फसल ऋण लेने वाले किसानों के चालू वित्तीय वर्ष का बकाया ब्याज माफ करने का आग्र्रह किया है। मुख्यमंत्री ने ऎसे ऋण के पुनर्निर्धारण का भी अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि पाला-शीतलहर से प्रभावित प्रदेश के किसानों की मुश्किलों को देखते हुए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इस कठिन परिस्थिति में केंद्र भी सहयोग करे और वाणिज्यिक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को ब्याज माफ करने के निर्देश जारी करे। इसी आशय का पत्र मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को भी लिखा है। प्रदेश के 46 जिलों में 3600 करोड़ रूपए की फसलों की क्षति का अनुमान है।
700 करोड़ 10.5 प्रतिशत ब्याज पर
किसानों पर दीर्घकालीन ऋण का भी 700 करोड़ से ज्यादा बकाया है। यह राशि मप्र राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधीनस्थ जिला बैंकों की है। 7 से 15 साल के इस कर्ज पर किसानों को 10.5 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है।
कांग्रेसियों पर लाठियां, आंसू गैस
किसानों की आत्महत्या की घटनाओं पर शनिवार को राजधानी में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसजन भी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। विदिशा/ सागर/ छतरपुर। प्रदेश में किसानों की हिम्मत टूटने का सिलसिला जारी है। आत्महत्या के प्रयास के चार और मामले सामने आए हैं। विदिशा की त्योंदा तहसील के ग्राम अमारी में किसान राजेश लोधी ने चूहा मार दवा खाकर जान देने की कोशिश की। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राजेश ने बताया कि उसकी 20 बीघा जमीन पर बोई फसल बर्बाद हो गई है। उस पर चार लाख से अधिक का कर्ज है।
सागर की देवरी तहसील में बारहा बीना गांव निवासी किसान अमर सिंह (22) ने फसल बर्बाद होने से परेशान होकर जहर खा लिया। उसका इलाज चल रहा है। देवरी के ही डोंगर सलैया गांव में आदिवासी सरपंच की पुत्रवधु संगीता पत्नी लाखन आदिवासी (28) ने कीटनाशक पी लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। पति लाखन ने बताया कि संगीता फसल खराब होने से दुखी है। छतरपुर जिले के ईशानगर में पठादा गांव के किसान लंपू पाल (60) ने खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। लंपू पर करीब दो लाख का कर्ज है। इसी गांव में गत 21 जनवरी को एक किसान ने फांसी लगा ली थी।
माफ हो ब्याज
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर वाणिज्यिक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से फसल ऋण लेने वाले किसानों के चालू वित्तीय वर्ष का बकाया ब्याज माफ करने का आग्र्रह किया है। मुख्यमंत्री ने ऎसे ऋण के पुनर्निर्धारण का भी अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि पाला-शीतलहर से प्रभावित प्रदेश के किसानों की मुश्किलों को देखते हुए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इस कठिन परिस्थिति में केंद्र भी सहयोग करे और वाणिज्यिक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को ब्याज माफ करने के निर्देश जारी करे। इसी आशय का पत्र मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को भी लिखा है। प्रदेश के 46 जिलों में 3600 करोड़ रूपए की फसलों की क्षति का अनुमान है।
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