टीकमगढ़/सागर/सीहोर/ बैतूल। प्रदेश में किसानों की तार-तार हो चुकी उम्मीदें जुड़ती नजर नहीं आ रहीं।
फसल पर पाले की मार, कर्ज का बोझ और राहत में हो रही देरी से हलाकान अन्नदाता जिंदगी से हार रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
टीकमगढ़
फसल सूखने से परेशान दाऊ ने दी जान
जिले के खरगापुर क्षेत्र के ह्वदयनगर गांव में पे्रमलाल उर्फ दाऊ लोधी (26) ने बुधवार को कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली। दाऊ पानी के अभाव से सूख रही फसल को लेकर काफी परेशान था। उस पर सहकारी समिति का खाद-बीज का ऋण बकाया था और उसने परिजनों से भी उधारी ले रखी थी।
साख बचाने में जुटा अमला
घटना से हड़कंप मच गया। आदिमजाति कल्याण राज्यमंत्री हरिशंकर खटीक, कलेक्टर अखिलेश श्रीवास्तव और एसपी आकाश जिंदल मृतक के घर पहुंचे। सब मौत से ज्यादा आत्महत्या की वजह पर जोर दे रहे थे। खटीक ने परिजनों को कई बार अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस का डर बताकर मौत की वजह बताने को कहा।
मृतक के भाई चिंता एवं पन्ना लोधी ने अधिकारियों के सामने कहा कि उनके भाई का उसकी पत्नी से विवाद हुआ था। कलेक्टर अखिलेश श्रीवास्तव का कहना था कि किसान की आत्महत्या के पीछे पत्नी से विवाद है। किसान पर ऎसा कर्ज नहीं था जिसे लेकर वह परेशान रहा हो। मृतक के परिवार को जनश्री बीमा योजना के तहत 10 हजार और पत्नी को विधवा पेंशन व मजदूर सुरक्षा का लाभ देने का आश्वासन दिया गया। खटीक ने पांच हजार और कलेक्टर ने पांच हजार की राशि तत्काल मृतक के परिवार को सौंपी।
चार भाईयों में सबसे छोटे दाऊ के पास करीब चार एकड़ जमीन थी। इसमें उसने सरसों और गेंहू बोया था। गेहूं के लिए पर्याप्त पानी न होने के कारण फसल सूख रही थी, जबकि सरसों में म्याऊ कीट लग गया था। वह एक दिन पहले ही कीटनाशक लाया था। पहले से ही बेहद परेशान दाऊ ने बुधवार को पत्नी से किसी बात पर विवाद होने पर कीटनाशक पी लिया। दाऊ की पत्नी सखी के अनुसार उसका पति सूख रही फसल को लेकर परेशान था। दाऊ की चार बेटियां हैं और वह गरीबी रेखा सूची में शामिल था।
सागर
देवरी तहसील में ग्राम बीना बारहा निवासी किसान दिनेश उर्फ बबलू (35) ने गुरूवार को जहरीला पदार्थ पी लिया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई तखतसिंह ने बताया कि दिनेश तुषार के कारण फसल बर्बाद होने से दुखी था।
छतरपुर
जिले के पुत्रीखेड़ा गांव निवासी बिनोदी पुत्र लिल्लिया यादव (45) की गुरूवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। किसान की फसल पाले से खराब हो गई थी।
नसरूल्लागंज
ग्राम इटावा के किसान गंगाराम ने जमीन विवाद से परेशान होकर जहर खा लिया और तहसील जा पहुंचा। उसे अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से भोपाल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। गंगाराम की जमीन से निकले आम रास्ते पर गांव के कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। इसकी शिकायत करने पर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। गंगाराम द्वारा कब्जा हटाने और आम रास्ता मुक्त करवाने का आवेदन देने पर आरोपी को छोड़ दिया गया। छूटने के बाद आरोपी ने दुबारा अतिक्रमण कर आम रास्ता रोक दिया। गंगाराम ने इसकी शिकायत की थी। मामले में जांच चल रही थी। इसी दौरान गंगाराम ने यह कदम उठा लिया।
बैतूल : खुदकुशी का प्रयास
आठनेर गांव मोरूढाना के गरीब किसान रिंगा ने पाले से फसल तबाह हो जाने और कर्ज के दबाव में जहर पी लिया। उसे भर्ती कराया गया है। रिंगा ने बताया कि उसने अपनी सवा एकड़ जमीन में चना बोया था। पाले से फसल बर्बाद हो गई। उसने साहूकारों से कर्ज लेकर बुआई में लगभग 10 हजार रूपए खर्च किए थे। पहले का भी लगभग 50 हजार का कर्ज था।
फसल पर पाले की मार, कर्ज का बोझ और राहत में हो रही देरी से हलाकान अन्नदाता जिंदगी से हार रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
टीकमगढ़
फसल सूखने से परेशान दाऊ ने दी जान
जिले के खरगापुर क्षेत्र के ह्वदयनगर गांव में पे्रमलाल उर्फ दाऊ लोधी (26) ने बुधवार को कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली। दाऊ पानी के अभाव से सूख रही फसल को लेकर काफी परेशान था। उस पर सहकारी समिति का खाद-बीज का ऋण बकाया था और उसने परिजनों से भी उधारी ले रखी थी।
साख बचाने में जुटा अमला
घटना से हड़कंप मच गया। आदिमजाति कल्याण राज्यमंत्री हरिशंकर खटीक, कलेक्टर अखिलेश श्रीवास्तव और एसपी आकाश जिंदल मृतक के घर पहुंचे। सब मौत से ज्यादा आत्महत्या की वजह पर जोर दे रहे थे। खटीक ने परिजनों को कई बार अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस का डर बताकर मौत की वजह बताने को कहा।
मृतक के भाई चिंता एवं पन्ना लोधी ने अधिकारियों के सामने कहा कि उनके भाई का उसकी पत्नी से विवाद हुआ था। कलेक्टर अखिलेश श्रीवास्तव का कहना था कि किसान की आत्महत्या के पीछे पत्नी से विवाद है। किसान पर ऎसा कर्ज नहीं था जिसे लेकर वह परेशान रहा हो। मृतक के परिवार को जनश्री बीमा योजना के तहत 10 हजार और पत्नी को विधवा पेंशन व मजदूर सुरक्षा का लाभ देने का आश्वासन दिया गया। खटीक ने पांच हजार और कलेक्टर ने पांच हजार की राशि तत्काल मृतक के परिवार को सौंपी।
चार भाईयों में सबसे छोटे दाऊ के पास करीब चार एकड़ जमीन थी। इसमें उसने सरसों और गेंहू बोया था। गेहूं के लिए पर्याप्त पानी न होने के कारण फसल सूख रही थी, जबकि सरसों में म्याऊ कीट लग गया था। वह एक दिन पहले ही कीटनाशक लाया था। पहले से ही बेहद परेशान दाऊ ने बुधवार को पत्नी से किसी बात पर विवाद होने पर कीटनाशक पी लिया। दाऊ की पत्नी सखी के अनुसार उसका पति सूख रही फसल को लेकर परेशान था। दाऊ की चार बेटियां हैं और वह गरीबी रेखा सूची में शामिल था।
सागर
देवरी तहसील में ग्राम बीना बारहा निवासी किसान दिनेश उर्फ बबलू (35) ने गुरूवार को जहरीला पदार्थ पी लिया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई तखतसिंह ने बताया कि दिनेश तुषार के कारण फसल बर्बाद होने से दुखी था।
छतरपुर
जिले के पुत्रीखेड़ा गांव निवासी बिनोदी पुत्र लिल्लिया यादव (45) की गुरूवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। किसान की फसल पाले से खराब हो गई थी।
नसरूल्लागंज
ग्राम इटावा के किसान गंगाराम ने जमीन विवाद से परेशान होकर जहर खा लिया और तहसील जा पहुंचा। उसे अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से भोपाल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। गंगाराम की जमीन से निकले आम रास्ते पर गांव के कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। इसकी शिकायत करने पर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। गंगाराम द्वारा कब्जा हटाने और आम रास्ता मुक्त करवाने का आवेदन देने पर आरोपी को छोड़ दिया गया। छूटने के बाद आरोपी ने दुबारा अतिक्रमण कर आम रास्ता रोक दिया। गंगाराम ने इसकी शिकायत की थी। मामले में जांच चल रही थी। इसी दौरान गंगाराम ने यह कदम उठा लिया।
बैतूल : खुदकुशी का प्रयास
आठनेर गांव मोरूढाना के गरीब किसान रिंगा ने पाले से फसल तबाह हो जाने और कर्ज के दबाव में जहर पी लिया। उसे भर्ती कराया गया है। रिंगा ने बताया कि उसने अपनी सवा एकड़ जमीन में चना बोया था। पाले से फसल बर्बाद हो गई। उसने साहूकारों से कर्ज लेकर बुआई में लगभग 10 हजार रूपए खर्च किए थे। पहले का भी लगभग 50 हजार का कर्ज था।
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